लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जन भवन, लखनऊ मंे ध्वजारोहण किया तथा सलामी ली। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। जन भवन के अधिकारी-कर्मचारियों तथा आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर उन्होंने जन भवन में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी। उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों ने भी राज्यपाल जी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी जन भवन कार्मिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और अमूल्य अवसर है। राष्ट्रध्वज को देखते हुए हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण होता है, जिन्होंने वर्षों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद देश को स्वतंत्रता दिलाई। अनेक वीरों ने छोटी आयु में ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
राज्यपाल जी ने सभी से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुनने तथा उसमें व्यक्त विचारों एवं संकल्पों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि देश, आने वाली पीढ़ी और भविष्य के लिए लिए गए संकल्पों को पूरा करने में हमारा व्यक्तिगत योगदान क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज के उद्बोधन में अनेक नई योजनाओं और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संकल्पों की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश में अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। अभी भी अनेक लोगों को गरीबी से बाहर लाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा दिलाना, किसानों की सहायता करना तथा समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने वर्तमान में चल रही जनगणना का उल्लेख करते हुए सभी से अपील की कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों को अपने परिवार से संबंधित सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी अपने परिवार की सही जानकारी जनगणना प्रपत्र में दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
राज्यपाल जी के नक्सलवाद के उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल के रूप में वहां नक्सलवाद की गंभीर स्थिति को स्वयं देखा है। उस समय अनेक क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती थी और सामान्य जनजीवन भी कठिन था। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में सेना एवं सुरक्षा बलों के जवानों तथा अधिकारियों के साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि अनेक जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया; माताओं ने अपने पुत्रों और पत्नियों ने अपने पतियों को खोया, लेकिन इन वीरों ने देश के प्रति सौंपे गए दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया। उन्होंने कहा कि अब प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, रोजगार, स्वास्थय एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री जी द्वारा देश के समग्र विकास के लिए निर्धारित ‘‘सप्तधारा‘‘ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को विश्व की अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय के अनुरूप अप्रासंगिक हो चुके पुराने कानूनों में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं, ताकि देश की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
राज्यपाल जी ने ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें यह समझने की आवश्यकता है कि ‘वंदे मातरम्’ का अर्थ क्या है और स्वतंत्रता आंदोलन में इसका क्या महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष पर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन देशवासियों के मन में इससे मिलने वाला आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का भाव कभी समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने उन मातृ शक्तियों और देशभक्तों को भी नमन किया, जिन्होंने जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ का गायन करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने और अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं अनुशासित ढंग से निर्वहन करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदया के कार्यकाल के दौरान जन भवन में अनेक महत्वपूर्ण एवं अभिनव कार्य हुए हैं। राज्यपाल जी की प्रेरणा से किए गए इन नवाचारों से जन भवन की पहचान और ख्याति पूरे प्रदेश में बढ़ी है।
कार्यक्रम में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से पधारे दंत चिकित्सक डॉ. अग्रवाल ने दंत स्वास्थय के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने दंत चिकित्सा की विभिन्न विधाओं पर प्रकाश डालते हुए मसूड़ों की देखभाल, समय-समय पर दांतों की जांच तथा प्रातः एवं रात्रि में नियमित रूप से ब्रश करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर के अन्य अंगों के स्वास्थय का ध्यान रखा जाता है, उसी प्रकार दांतों और मुख स्वास्थय को भी पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने दांतों के संक्रमण के श्वसन तंत्र, नाक एवं कान आदि से संबंधित स्वास्थय पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में जन भवन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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