लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने स्त्री सम्मान- समृद्धि योजना की घोषणा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी स्त्री सम्मान- समृद्धि योजना विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी। 2027 में सरकार बनते ही पार्टी चरणबद्ध तरीके से स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना लागू करेगी। इस योजना में समाजवादी सरकार में महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस के साथ ही छात्राओं को इंटर पास होने के बाद लैपटॉप, साइकिल दी जाएगी। महिलाओं की सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त होगी। भाजपा सरकार में बंद किए सभी 26 हजार प्राइमरी स्कूल फिर खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में फीस माफ और प्राइवेट में फीस हाफ होगी। न्यूट्रिशन मिशन योजना फिर शुरू की जाएगी। ऑगनबाड़ी केन्द्रों को ठीक किया जाएगा।

इस अवसर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्री अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना की घोषणा करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वाेपरि होगी। समाजवादी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बिना आधी आबादी को आगे बढ़ाए तरक्की अधूरी है। आधी आबादी के लिए समाजवादी सरकार में जो फैसले लिए गये थे, वे आज भी उदाहरण है। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि स्त्री सम्मान समृद्धि योजना आधी आबादी की पूरी आजादी का पूरा संकल्प है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की योजनाओं का असर है, जो तकनीकी के बारे में कुछ नहीं जानते वे टैबलेट बांटने की बात कर रहे हैं। उन लोगों ने पहले भी कुछ बांटा था लेकिन उंगुली घिसते रहने के बाद भी स्क्रीन नहीं चलता था।
श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी सरकार में स्त्री सम्मान समृद्धि योजना लागू करने के साथ ही महिलाओं में असुरक्षा की भावना को खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए नारी केवल नारा बनकर रह गया है। सभी लोग जानते है कि महिला आरक्षण बिल संसद में पास होकर कानून बन गया है। भाजपा महिला आरक्षण कानून लागू करने में देरी क्यों कर रही है।

श्री यादव ने कहा कि महिला आरक्षण कानून को तुरन्त लागू किया जाए। हम चाहते है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से ही इसे लागू किया जाए। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नारी वंदन की सिर्फ बातें करती है। भाजपा सरकार में हाथरस की बेटी को न्याय नहीं मिला। कानपुर में मां-बेटी को जिन्दा जला दिया गया। अम्बेडकरनगर में एक बेटी का घर गिराया और जलाया जा रहा था तो वह किताबें लेकर भाग रही थी। वह तस्वीर कोई नहीं भूला है।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने कहा कि स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना का मूल सिद्धांत नारी शक्ति का विकास कहने से नहीं, उन्हें सच्चा प्रतिनिधित्व देने से होगा। पीडीए में आधी आबादी के रूप में शामिल हर स्त्री का सम्मान और समृद्धि हमारा संकल्प है। सशक्तीकरण यदि सामाजिक रूप से समानता देकर स्त्री को सशक्त करना है तो सबलीकरण आर्थिक रूप से स्त्री को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास होता है।
नामकरण के पीछे का विचार स्त्री शब्द को इसीलिए लिया गया है क्योंकि बालिका, युवती, नारी, महिला कहने से उम्र का दायरा बंध जाता है। जबकि स्त्री शब्द एक जेण्डर को रिप्रेजेन्ट करता है, इसीलिए हर उम्र की स्त्री के लिए लागू हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सम्मान शब्द को इसीलिए लिया गया है क्योंकि सम्मान तो हर स्त्री की सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख प्रतिभूति गारंटी होनी चाहिए। इसका किसी स्त्री की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से कोई सम्बन्ध नहीं होता है, वो स्त्री है इस नाते उसका सम्मान होना ही चाहिए। स्त्री को सामाजिक रूप से मजबूत स्थिति प्रदान करने के लिए स्त्री के सशक्तीकरण हेतु सम्मान, समृद्धि से भी पहले अपरिहार्य है। समृद्धि शब्द को इसीलिए लिया गया है क्योंकि आर्थिक रूप से जब स्त्री बलवती होती है तो घर में वो आर्थिक योगदान भी करती है।
पीडीए के ए में शामिल आधी आबादी के प्रति ये योजना हमारी सकारात्मक सोच का परिणाम है। इस अवसर पर सांसद सुश्री इकरा हसन चौधरी एवं सुश्री प्रिया सरोज, विधायक श्रीमती रेखा वर्मा, नसीम सोलंकी, गीता शास्त्री, मारिया अली, डॉ. रागिनी सोनकर, ऊषा मौर्या तथा पूर्व सांसद ऊषा वर्मा एवं कौसर जहां, पूर्व एमएलसी डॉ. मधु गुप्ता, सीमा राजभर राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला सभा, रुक्मिणी निषाद प्रदेश अध्यक्ष महिला सभा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष जरीना उस्मानी, ज्योति लोधी, अनीता यादव, मीनाक्षी अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला सभा जूही सिंह, नाहिद लारी खान, प्रवक्ता, निधि यादव, सुश्री पूजा शुक्ला पूर्व प्रत्याशी उत्तर विधानसभा ने स्त्री सम्मान समृद्धि योजना पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व मेयर प्रत्याशी श्रीमती वंदना मिश्रा ने किया।
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