नई दिल्ली । सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पैलेटगन से घायल हुए साहिल लोचब की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित पैलेट गन फायरिंग की घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है।
एफ़आईआर दर्ज होने के बाद राहुल गाँधी ने कहा, ये न्याय की ओर पहला क़दम है. केस लॉज हुआ है। हम सुबह 11-30 बजे आए थे पौने सात बजे एफ़आईआर दर्ज हुई है। अगर दिल्ली में ये हो रहा है तो आप सोचिए किसी गांव में क्या होता होगा। यहाँ भी अंतिम अनुमति अमित शाह जी को देना पड़ी ।
उधर शिकायतकर्ता साहिल लोचब ने मीडिया से बात करते हुए कहा, बिना किसी मीडिया कवरेज के राहुल गांधी और उनकी टीम मेरी मदद करती रहती थी। कल-परसों इनसे बात हुई तब मैंने बताया कि मेरी एफ़आईआर लॉज नहीं हो रही है। तब उन्होंने कहा कि मिलते हैं और फिर एफ़आईआर दर्ज करवाने चलते हैं।
मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं कि इन्होंने मेरी हेल्प की। ये न्याय की जीत है। ये एफ़आईआर इसकी ओर पहला क़दम है। इससे पहले दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उनकी मांग थी कि साहिल लोचब की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए।
एफ़आईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, एक महीना हो गया है। छर्रे शरीर में हैं। तीन छर्रे आंख में है। आंख से दिखाई नहीं देता है। तीन चार छर्रे दिल के पास हैं। साफ़ दिख रहा है कि एक युवा के साथ अन्याय हुआ है।
इसके बावजूद आज सुबह, 11.30 बजे आए हैं। अभी पौने सात हो गए हैं। तब जाकर एफ़आईआर फ़ाइल किया है। अब आप कल्पना कीजिए कि कितने महिलाओं का बलात्कार होता है, कितने बच्चों को मारा जाता है, कितने लोगों को गोली मारी जाती है, कितने लोगों के शरीर में छर्रे होते हैं। यह पुलिस स्टेशन दिल्ली के बिल्कुल बीच में है। यहां पर न्याय नहीं मिल रहा है। आप कल्पना करिए कि गांव या किसी छोटे से शहर के किसी पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा। हमने यहां कोई ग़लत काम नहीं किया है. एक हिंदुस्तान के नागरिक के लिए, उसकी मां के लिए न्याय मांगा है और उसके लिए आठ घंटे लग गए

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