लखनऊ। परवेज़ अख्तर। राजधानी लखनऊ समेत पूरे आलम में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ बेहद पुरसुकून, खुशगवार और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस मुबारक मौके पर जगह-जगह महफिलें सजाई गईं और लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद पेश की। शहर में चारों ओर “या रसूल अल्लाह ﷺ” की सदाएं गूंजती रहीं।

लखनऊ के वली शाहमीना शाह रह0 के आस्ताने से जुलूस-ए-मोहम्मदी ﷺ और अमीनाबाद स्थित झंडे वाले पार्क से जुलूस-ए-मद-ए-सहाबा पूरी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए। ऊंचे-ऊंचे परचम, इस्लामी झंडे और धार्मिक नारों से पूरा माहौल खुशनुमा नजर आया। जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होता हुआ ऐशबाग ईदगाह पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
पूरे रास्ते अकीदतमंदों का जगह-जगह लोगों ने गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। टुडियागंज, खालाबाजार, हैदर गंज समेत विभिन्न स्थानों पर साबीलों और स्वागत कैंपों का इंतजाम किया गया था। अमन शान्ति समिति के इमरान कुरैशी, मुख़्तार अहमद, फुरकान कुरैशी समेत पूरी समिति के पदाधिकारियों द्वारा तो कुरैशी समाज के अध्यक्ष शहाबुद्दीन कुरैशी, रहनुमा कुरैशी, और इनकी टीम द्वारा, और सपा नेता मुजाहिद खान, तथा अनीस राजा और इनके अलावा अमीनाबाद से ऐशबाग तक तमाम आशिक-ए-रसूल द्वारा कहीं ठंडे पानी और शरबत की साबील लगाई गई, तो कहीं चाय, और कश्मीरी चाय,बिस्किट, पैटीज, शीरमाल, फल और उम्दा लज़ीज़ व्यंजनों का इंतजाम किया गया। लोगों ने अपनी-अपनी हैसियत के मुताबिक जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की खिदमत की और अपनी मोहब्बत का इज़हार किया।

जुलूस के दौरान कहीं नारे-ए-रिसालत ﷺ की सदाएं बुलंद हुईं, तो कहीं नात-ए-पाक पेश की गई। हर तरफ धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल दिखाई दिया। लोगों ने अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देते हुए जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ को पूरे अदब और एहतराम के साथ मनाया।
राजधानी में जुलूस के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ के इस मौके पर लोगों ने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की सीरत और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और अमन का संदेश दिया।
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