नई पीढ़ी को ज्ञान , शोध , वैज्ञानिक दृष्टि के साथ नैतिक मूल्यों पर ध्यान देने पर जोर ।
लखनऊ । इकरा पब्लिक स्कूल, बिजनौर, लखनऊ में महान समाज सुधारक एवं शिक्षाविद् सरसैयद अहमद खाँ की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने लेखन, भाषण और चित्रकला के माध्यम से सरसैयद अहमद खाँ को श्रद्धांजलि अर्पित की। बच्चों ने सरसैयद अहमद खाँ के चित्र बनाए और उनकी शैक्षिक सेवाओं को याद किया। कार्यक्रम के अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया, जिसके माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित समाज के निर्माण का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने अपने संबोधन में कहा कि सरसैयद अहमद खाँ ने आधुनिक शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सुधार के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने शिक्षा को विकास का आधार मानते हुए नई पीढ़ी को ज्ञान, शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। सरसैयद का संदेश आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक है। उनके शैक्षिक विचारों पर अमल करते हुए 1984 में लखनऊ का पिछड़ा क्षेत्र ग्राम बिजनौर और उसके आस पास क्षेत्र के पिछड़े व वंचित समाज के छात्र छात्राओं के लिए इकरा पब्लिक स्कूल की बिजनौर में स्थापना कि गई ही यहां से निकले हुए छात्र छात्राएं एक जागरूक और विकसित समाज का निर्माण कर रहे हैं ।
डॉ. हाशमी ने आगे कहा कि बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी आवश्यक है। पौधारोपण जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और समाज सेवा की भावना विकसित करती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अजरा नाहिद ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों की रचनात्मक क्षमता, आत्मविश्वास और अध्ययन के प्रति रुचि को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग करने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच मिठाई वितरित की गई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को सरसैयद अहमद खाँ की शैक्षिक एवं सुधारवादी सेवाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें ज्ञान के प्रति प्रेम, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना था।
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