नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार से तीसरे दौर की बातचीत से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को नॉन-नेगोशिएबल बताया है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “अगर सरकार की तरफ़ से ‘ना’ है, तो आगे बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है”।
मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत में मुआवज़े और क़ानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर लिखित समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर भी सरकार से जवाब मिलने की उम्मीद है ।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो प्रदर्शन को और तेज़ किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर में आंदोलन के लिए जल्द ही नए आह्वान की ज़रूरत पड़ सकती है। सीजेपी और सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। इससे पहले हुई दो दौर की वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है ।

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