लखनऊ। आल इण्डिया कैफी आज़मी अकाडमी ,जो गुरुद्वारा रोड, पेपरमिल कालोनी, निशातगंज,लखनऊ में स्थित है । इसको मशहूर अभिनेत्री की शबाना आज़मी की कोशिशों से उनके पिता कैफी आज़मी की याद में यह सोच कर बनवाया गया था कि यह बुद्धजीवियों को एक ऐसा प्लेटफार्म देने का काम करेगी जहॉं लोग फिल्म , ड्राम, थियेटर ,कल्चर और साहित्य पर एक साथ बैठकर गुफ्तगू करेंगे । इसी लिए यहॉं पर एक हाल भी गुफ्तगू नाम से बनवाया गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि इस आल इण्डिया कैफी आज़मी अकाडमी में उस मक़सद को छोड़ दिया है जिसका ख्वाब शबाना आज़मी ने देखा था।

यह अकाडमी अब सिर्फ ऐसा लगता है कि सईद मेंहदी , महासचिव की जा़ती मल्कियत बन गई है । वह इसको अपने निजी कामों के लिए ज्यादा इस्तेमाल करते हुए दिखते हैं । सईद मेंहदी अकाडमी को लेकर कितना संजीदा हैं इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी वेबसाईट पर जिस आनेवाले प्रोग्राम की सूचना है 31 जुलाई 2026 की दी हुई है जबकि अब अक्तूबर 2026 चल रहा है । इनके फेसबुक पेज पर जाने से पता लगता है कि उस पर जो पोस्ट सबसे पहले आती है वह 10 मई 2020 की है । पेज पर कुल 1400 के आसपास फालोअर हैं । कैफी आज़मी जैसी मशहूर शख्सियत और शबाना आज़मी व जावेद अख्तर जैसे मशहूर लोगों से जुड़े हुए इतने पुराने पेज पर इतने कम फालोअर्स को देखकर अंदाज़ा लगाना कोई मुशिकल नहीं है कि इस पर कितना काम किया जा रहा है । जो पेज कई-कई साल अपडेट हीं नहीं किया जाएगा तो उस पर फालोअर्स कहॉं से आएंगे ।
इनकी वेबसाईट aikaa.co.in के मीडिया कवरेज वाले पेज पर जायेंगे तो पता चलता है कि वहॉं 2018-19 की कवरेज के फोटो पड़े हैं । इसका मतलब 7-8 साल से इसको अपडेट ही नहीं किया गया है । वेबसाईट के होम पेज पर यादे कैफी के नाम पर मुशायरे का जो बैनर लगा है वह 14 जनवरी 2017 का है। इसका मतलब है कि 2017 के बाद से यादे कैफी का कोई प्रोग्राम ही नहीं किया गया जिनके लिए अकाडमी बनी थी। जानकारी के अनुसार यह भी आरोप लगा है कि सईद मेंहदी अपने निजी लाभ के लिए अकाडमी में बने कमरे भी किराये पर देते है जिसका कोई लेखा जोखा भी नहीं रखा जाता है ।
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