लखनऊ। निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करने को लेकर राहुल गांधी , कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेेताओं पर सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा र्दुव्यवहार किया गया और उन पर लाठीचार्ज किया गया। जिसके विरोध में इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस के रूप में मनाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ -विधायक के नेतृत्व में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा की मांग को लेकर सैंकड़ों की संख्या में कंाग्रेसजनों द्वारा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से जी0पी0ओ0 लखनऊ तक शांति मार्च निकाला गया। माल एवेन्यू चौराहे से आगे बढ़ने पर लालबहादुर शास्त्री मार्ग से पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास भारी संख्या में पुलिस बल द्वारा बैरीकेडिंग लगाकर कांग्रेसजनों को रोका गया । जहां से आगे बढ़ने को लेकर कंाग्रेसजनों और पुलिस बल में धक्का मुक्की हुई, जहां पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेसजनों के साथ सड़क पर बैठ गयीं।

इसके उपरान्त सड़क पर नारेबाजी कर रहे कांग्रेसजनों को पुलिस द्वारा बल प्रयोग कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित कांग्रेसजनों को गिरफ्तार कर बस में भरकर इको गार्डेन ले जाया गया । जहां इको गार्डेन से थोड़ा पहले बस खराब हो गयी जहां घण्टों खड़ी बस में बैठाकर परेशान किया गया, तदुपरान्त दूसरी बस से पुलिस लाइन के लिए ले जाया गया जहां दूसरी बस भी खराब हो गयी, इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित कांग्रेसजनों को पुलिस लाइन ले जाया गया।
जहां पर पुलिस लाइन में रखा गया, वहां पर न लाइट की व्यवस्था और न ही पंखे की कोई व्यवस्था रही, पंखे, लाइटें लगी हुई हैं और यह कहा गया कि आंधी के आने से बिजली खराब हो गयी है, जबकि ग्राउण्ड और चारों तरफ पूरी तरह लाइट की व्यवस्था रही है।
आज के इस प्रदर्शन में महिलाओं की भारी संख्या रही। मार्च के दौरान कई महिला कार्यकर्ताओं एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अराधना मिश्रा मोना जी को कार्यकर्ताओं को बचाने में पुलिस की धक्का-मुक्की में चोटें आयीं। दो-दो बार पुलिस द्वारा मंगायी गयी बसें खराब हुईं।
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