Breaking News

भाजपा बताए कि वह आरक्षण के समर्थन में है या आरक्षण के विरोध में- राजेन्द्र पाल गौतम

लखनऊ । अखिल भारतीय कंाग्रेस कमेटी के प्रभारी उ0प्र0 राजेन्द्र पाल गौतम ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि दो दिन पहले उ0प्र0 के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ में उन चन्द छात्रों साथ प्रेसवार्ता की जो आरक्षण का विरोध कर रहे थे । अब सवाल यह उठता है कि क्या डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक आरक्षण का विरोध करने वालों के साथ प्रेस कर रहे थे तो क्या बीजेपी बतायेगी कि वह आरक्षण के खिलाफ है? कहीं ऐसा तो नहीं कि इनकी मानसिकता एस.सी., एस.टी., ओबीसी को न्याय देने की नहीं है इसलिए ऐसा माहौल बना रहे हैं?


श्री गौतम ने कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रेस में कहा कि वह सभी छात्रों, युवाओं को न्याय देंगे और 2 दिन के अंदर केन्द्रीय मंत्री से मिलेंगे। मेरा सवाल है कि वह केन्द्रीय मंत्री से मिले हैं तो क्या बात हुई है। उन्होने कहा कि वह छात्रों के साथ हैं। अगर भाजपा छात्रों, युवाओं के साथ है तो शिक्षक भर्ती के 69 हजार युवाओं में से 8हजार भर्तियां जो एस.सी., एस.टी., ओबीसी की वेकेंसी थी सामान्य वर्ग से क्यांे भर दी गयी। इस पर उनका क्या जवाब है? ओबीसी कमीशन ने भी अपनी रिपोर्ट में माना है कि जो छात्र ओबीसी वर्ग के हैं एस.सी./एस.टी. के हैं उनके रिजर्वेशन के साथ गलत हुआ है। ये एससी/एसटी/ओबीसी को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। इसके बाद भी उ0प्र0 सरकार ने पिछड़ों और दलितों का जो हक था उसको लेकर भी कोई कार्यवाही नहीं की, क्या यह मान लेना चाहिए कि एससी, एसटी, ओबीसी के हितों के खिलाफ सरकार काम कर रही है इसलिए अभी तक कोई भी निर्णय नहीं लिया गया।
प्रदेश प्रभारी श्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि संसद में गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि जाति जनगणना करायेंगे लेकिन अभी 10 दिन पहले सेन्सेक्स कमिश्नर ने जो कालम जारी किया है उसमें ओबीसी का कोई कालम नहीं है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा ओबीसी, एससी, एसटी को न्याय नहीं देना चाहती है इसका स्पष्टीकरण भारतीय जनता पार्टी को देना चाहिए।
उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बज रहा था और राष्ट्रगान के बजते रहने के दौरान ही विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना अपनी गाड़ी में बैठकर चले गये, क्या महाना जी जवाब देंगे कि उन्होने राष्ट्रगान का अपमान क्यों किया? पुलिस ने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की। राष्ट्रगान के अपमान के खिलाफ कल पूरे प्रदेश में कांग्रेस के जिला एवं शहर अध्यक्षों ने एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत की है, किन्तु अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गयी, मैं पूछ रहा हूं कि एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गयी। क्या कोई भी स्पीकर, नेता और मंत्री हो वह संविधान से ऊपर है? या उसे इसके लिए छूट मिली हुई है? क्या सतीश महाना जी के कान में राष्ट्रगान की आवाज नहीं आयी जबकि इसके स्पष्ट वीडियो हैं। क्या वह अपनी जिम्मेदारी मानेंगे कि उन्होने राष्ट्रगान का अपमान किया है? उ0प्र0 सरकार और पुलिस प्रशासन बताये कि सतीश महाना के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी।

About CURRENT MEDIA

Currentmedia.in राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबासाइट है। वेबसाइट में ब्यूरोक्रेसी में ताजा घटनाक्रम, देश और समाज के लिए अमूल्य योगदान देने वाले व अपने कार्यो के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले आइएएस और आइपीएस अधिकारियों व डॉक्टरो, कानून के जानकारों की रोचक स्टोरी के साथ उनके जीवन संघर्षो पर आधारित निष्पक्ष लेख पाठक को मिलेंगे। वेबसाइट में अन्य क्षेत्रों के भी विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार पाठक वर्ग के लिए उपलब्ध रहेगा, इसके लिए वेबसाइट की ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विस्तृत कंटेट अपडेट करती रहेगी। संपादकीय टीम की कोशिश यही रहेगी की न्यूज कंटेट को लेकर पाठक वर्ग को किसी तरह की निराशा हाथ न लगे। साइट 24 घंटे प्रयोग में रहेगी।

Check Also

मलिहाबाद में हुई शांति व्यवस्था के लिए बैठक

मलिहाबाद। मो0शादाब । 12 रबिउलअव्वल को निकलने वाले जुलूस को लेकर मलिहाबाद थाने में शांति …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *