नई दिल्ली। नई दिल्ली लगता है कि सरकार और युवाओं में एक अखाड़ा मैदान बन गया है। एक ओर जहां जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का मार्च प्रस्तावित था वहीं दूसरी ओर संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत भी होने जा रही थी।

जैसे जैसे दिन चढ़ता गया वैसे वैसे नई दिल्ली के जंतर-मंतर इलाक़े में भीड़ बढ़ती चली गई।
सुबह नौ बजे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आगे बढ़े तो उनको सुरक्षाबलों का सामना करना पड़ा, इस दौरान आंसू गैस के गोले भी दागे गए। कई जगह पुलिस ने युवाओं को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया जिससे कई युवा गंभीर रुप से घायल हो गए ।
आज युवाओं में जोश देखने वाला था । पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर काफी बड़ी तादाद में संसद भवन तक पहुंच गए जिसके कारण प्रधानमंत्री को सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षित निकाला ।
सरकार को यह बात भी समझना चाहिए कि यह युवा भी अपने देश के ही इनकी बात सुनने में कोई हर्ज नहीं हैं । सरकार को चाहिए कि युवाओं की बात सुनकर उसका समाधान निकाले।
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