नई दिल्ली । एससी के फैसले ने एक बार फिर उ0प्र0 सरकार को शर्मिन्दा कर दिया है । सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफ़रोज़ की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई डिटेंशन को रद्द कर दिया है। साथ ही इस कार्रवाई को अवैध मानते हुए राज्य सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यूपी पुलिस ने संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफ़रोज़ को माटरमाइंड बताया था। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी, इसमें कई लोगों की मौत भी हुई थी।
लाइव लॉ और बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को भी ख़ारिज कर दिया, जिसमें डिटेंशन ऑर्डर को बरकरार रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस हिरासत में अफ़रोज़ के कथित कबूलनामे के आधार पर प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश नहीं दे सकती थी।

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