नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली को लेकर इंडियन एक्सप्रेस में जो ख़बर छपी उसको लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल देखने को मिल रहा है । सभी विपक्षी पार्टियॉं मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरने में लगी हैं । इसी सिलसिले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ तीखा बयान देते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को देश के लिए “सबसे बड़ा खतरा” बताते हुए उन पर लोकतंत्र को नुक़सान पहुंचाने का आरोप लगाया।
दीपके ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब है कि जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकार को चुनती है।
उन्होंने कहा, ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट दे सकेगा और कौन नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे लोकतंत्र कहा जा सकता है। सीजेपी के संस्थापक ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है और इससे लोकतंत्र की मूल भावना बदल गई है।
दीपके ने ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे में इस्तीफ़ा नहीं दिया गया तो सीजेपी देशभर में आंदोलन शुरू करेगी और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक पीछे नहीं हटेगी।
वहीं, प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा और उनके खि़लाफ़ क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स की मांग की है। साथ ही उन्होंने आने वाले चुनाव होल्ड करने, एसआईआर को फ्रीज़ करने और जनवरी 2025 के वोटर रोल करने की मांग की। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सौरव दास ने साल 2023 में चुनाव आयुक्त चुनने के लिए बनाए गए क़ानून को वापस लेने की मांग भी की।
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