लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि किसान खुशहाल होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। किसान मेहनत करता है। पूरे देश का पेट भरता है। किसान आगे बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा। श्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों के लिए बड़े फैसले लिए। पहले किसानों की आवाज उठाई। किसानों की लड़ाई लड़ी। किसानों को आगे बढ़ाया।

समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में बुधवार को आयोजित किसान सम्मेलन के बाद प्रेस कांफ्रेंस में श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को धोखा दिया है। किसानों को समय पर खाद, बीज, कीटनाशक और पानी नहीं मिला। खेती के काम आने वाली मशीनों पर जीएसटी लगा दिया। किसानों के सामने संकट है। समाजवादी पार्टी की सरकार किसानों के लिए खाद, बीज, पानी, सस्ती कीटनाशक और मशीनों का इंतजाम करेगी। भाजपा सरकार किसानों को जबरदस्ती नैनो यूरिया बेच रही है। समाजवादी पार्टी उसके खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार चीनी से मुनाफा कमा रही है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर मुनाफा कमा रही है। उसका लाभ किसानों को क्यों नहीं मिल रहा है?
श्री यादव ने कहा कि हरा रंग हरियाली और किसानों की खुशहाली का प्रतीक है। हरा रंग और लाल रंग मिलकर समाजवादी पार्टी का झंडा बनता है। समाजवादी पार्टी किसानों की हितैषी है। समाजवादी सरकारों ने हमेशा किसानों के हित में फैसले लिए हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिया जाएगा। किसानों को विशेष सुविधाएं देकर लाभ दिलाएंगे। भाजपा सरकार में दलहन, तिलहन, गेहूं, धान, गन्ना, आलू से लेकर दूध तक हर फसल और उत्पाद में किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार किसानों की कोई मदद नहीं कर रही है। भाजपा सरकार के सारे दावे झूठे है। समाजवादी पार्टी की सरकार में दूध के लिए बड़े पैमाने पर डेरी बनाएंगे।
श्री यादव ने कहा कि बाढ़ के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नदियों में सिल्ट जमा हो गई है। सरकार ने नदियों की डिसिल्टिंग नहीं की। नदियां उथली हो रही है। मिट्टी भर रही है। नदियों की गहराई कम हो रही है। पानी कहां जाएगा? लखनऊ में बंधों की गलत डिजायन के कारण पानी भर रहा है, बंधे बाढ़ रोकने के लिए बनाए जाते हैं। लेकिन इस सरकार में बंधों की डिजायन ऐसे हो गयी है कि लखनऊ में बाढ़ और जलभराव हो गया। सोचने वाली बात है कि गोमती रिवरफ्रंट पर पानी नहीं भरा वहीं बंधों के दूसरी तरफ जलभराव है। जब मुख्यमंत्री जी खुद पुल, पुलिया डिजायन कर रहे है तो बाढ़ और जलभराव होगा ही। गोरखपुर में बाढ़ और जल-भराव के लिए खुद मुख्यमंत्री जी जिम्मेदार है।
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