न्यूयार्क । जिस अब्दुल का नाम लेकर मज़ाक उड़ा रहे थे ट्रंप उसी अब्दुल ने अमेरिका में जीतकर इतिहास रच दिया । अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद इसराइल में भी बहस हो रही है कि यह नतीजे उनके लिए कितने ख़राब है।
अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन में अमेरिकी सीनेट सीट के चुनाव में माइक रोज़र्स को हराकर जीत अपने नाम कर ली ।

इज़राईली अख़बार की एक रिपोर्ट के अनुसार अल-सैयद ने यह जीत ऐसे समय में हासिल की, जब अमेरिकन इसराइल पब्लिक अफेयर्स कमिटी (एआईपीएसी) ने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में उन्हें हराने के लिए तीन करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा ख़र्च किए थे। इसके अलावा, आम चुनाव में रोज़र्स के समर्थन में भी क़रीब 90 लाख डॉलर खर्च किए जाने की ख़बरें थीं। अल-सैयद ने इस ख़र्च को ही एआईपीएसी के खि़लाफ़ अपने पक्ष में इस्तेमाल किया।
अपनी चुनावी तैयारियों के दौरान अल-सैयद यहूदी समुदाय के कार्यक्रमों में भी शामिल हुए और उसके नेताओं से मुलाक़ात भी की, लेकिन उन्होंने इसराइल समर्थक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अपनी बयानबाज़ी या नीतिगत रुख़ में बदलाव करने से इनकार किया।
अमेरिका के इस मिडटर्म चुनावों में कम से कम सात मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर संसद में पहुंच गए हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम अब्दुल अल-सैयद का है, जो अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। सैयद की पहचान और उनके नाम का बार-बार मजाक उड़ाने वाले डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनावों में करारी हार मिली है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों पर कब्जा कर लिया है। अब्दुल अल-सैयद जीत के बाद खुलकर ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को निशाने पर ले रहे हैं तो दूसरी तरफ रिकॉर्ड पांचवीं बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पहुंची डेमोक्रेट इल्हान उमर डांस कर रही हैं. यह डांस डोनाल्ड ट्रंप को जवाब है जिन्होंने सिर्फ इल्हान उमर की धार्मिक पहचान की वजह से उन्हें निशाना बनाया था।
अब्दुल अल-सैयद के रूप में अमेरिका को पहला मुस्लिम सीनेटर मिल गया है। अब्दुल अल-सैयद ने अपनी शानदार जीत के बाद उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी ही मजेदार विडंबना है कि जनवरी में वेंस को ही संविधान के हिसाब से उन्हें शपथ दिलानी होगी। मिशिगन सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन माइक रोजर्स को हराने के बाद, अपनी जीत के भाषण में अल-सैयद ने जोरदार तालियों के बीच सीधे उपराष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा, जेडी, हबीबी, इसमें एक बहुत ही मजेदार विडंबना है कि संवैधानिक रूप से यह आपकी जिम्मेदारी है कि जनवरी में आप मुझे शपथ दिलाएं।
न्यू जर्सी में डेमोक्रिट उम्मीदवार आदम हमावी ने 12वें कांग्रेस जिले में रिपब्लिकन उम्मीदवार ग्रेग मेले को हराया है. वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पहुंचे हैं। वे संसद में इस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले मुस्लिम बन गए. आदम को 70.2 प्रतिशत वोट मिले, जबकि ग्रेग को 28.3 प्रतिशत वोट मिले।
हमावी एक प्लास्टिक सर्जन हैं और अमेरिका की सेना में पहले लड़ाई के मैदान में सर्जन रह चुके हैं। उन्होंने 2024 में गाजा के एक अस्पताल में सेवा भी दी थी। उन्होंने सबके लिए मुफ्त इलाज, मेडिकल और स्टूडेंट कर्ज माफ करने, इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट को खत्म करने, और इजरायल को अमेरिकी सैन्य मदद बंद करने के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था।
अमेरिका की जनता ने दिखा दिया है कि यह लोकतंत्र सभी के लिए है, यहां विभाजनकारी राजनीति के लिए जगह नहीं है। इन मुस्लिम उम्मीदवारों ने इलाज, मकान, इमिग्रेशन, नागरिक अधिकार और इजरायल-फिलिस्तीन पर अमेरिका की नीति जैसे मुद्दों पर मिडटर्म चुनाव लड़ा था।

मिनेसोटा में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार इलहान उमर ने 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन जॉन नेगेल और निर्दलीय डेवेल जैक्सन को हराकर पांचवीं बार जीत हासिल करी। उमर को 76.5 प्रतिशत वोट मिले, जबकि नेगेल को 16.2 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। जीत हासिल करने के बाद इल्हान उमर सेलिब्रेशन करते हुए नाचने लगी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने मिनियापोलिस के कार्मेल मॉल में अपने पति और समर्थकों के साथ मिलकर यह जीत मनाई।
न्यूयॉर्क के 13वें कांग्रेस जिले से डेमोक्रेट डारियालिजा एविला शेवेलियर जीती हैं। उन्होंने रिपब्लिकन जोमो विलियम्स को हराया है। उन्हें 87.5 प्रतिशत वोट मिले, जबकि विलियम्स को 11.4 प्रतिशत वोट मिले। शेवेलियर एक सिविल राइट्स इंवेस्टिगेटर हैं और पीएचडी की छात्रा हैं। उन्होंने इस्लाम कबूल किया है। उन्होंने अपने समुदाय को जोड़ने और फिलिस्तीनियों के अधिकारों के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था।
मिशिगन से डेमोक्रेट रशीदा तलीब ने 12वें कांग्रेस जिले से पांचवीं बार जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन जेम्स हूपर को हराया।
इंडियाना में डेमोक्रेट आंद्रे कार्सन ने 7वें कांग्रेस जिले की सीट बचा ली। उन्होंने रिपब्लिकन पैट्रिक मैकॉले को हराया. कार्सन हाउस में सबसे लंबे समय से मुस्लिम सांसद हैं। उन्होंने बराबरी, लोगों की मदद और देशों के बीच सहयोग पर काम किया है।
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट लतीफा साइमन ने 12वें कांग्रेस जिले से फिर से जीत हासिल की। उन्होंने अपनी ही पार्टी की जेमी जॉयस को हराया। पहले सिविल राइट्स कार्यकर्ता रही साइमन ने सस्ते मकान, इलाज, इमिग्रेंट्स के अधिकार और जलवायु न्याय की बात कही ।
ख़बर लिखे जाने तक कैलिफोर्निया की राज्य सीनेटर आयशा वहाब 14वें कांग्रेस जिले में आगे चल रही हैं। उन्होंने अपनी जीत का दावा भी कर दिया है. हालांकि अभी फाइनल रिजल्ट नहीं आया है।
संसद से बाहर भी, फिलिस्तीनी मूल की अमेरिकी डेमोक्रेट एबर कावास ने इतिहास रच दिया। उन्होंने न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट की 12वीं सीट जीत ली। वे न्यूयॉर्क स्टेट विधानसभा में चुनी जाने वाली पहली फिलिस्तीनी-अमेरिकी और पहली मुस्लिम महिला बन गईं।
अमेरिका की जनता ने एक बार फिर दिखा दिया है कि उनका दिल काफी बड़ा है और वह नफरत की राजनीति को पसंद नहीं करते हैं । इसी वजह से ट्रंप द्वारा लगातार की जा रही नफरती बातों को जनता ने नकार दिया ।
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