ललितपुर । सूरज राजपूत । भारत की जनगणना-2027 को लेकर जनपद में तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर को प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सुपर मार्केट स्थित आईसीसीसी भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य, आंकड़ों की शुद्धता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित आवश्यक आंकड़े एकत्र किए जाते हैं, जिनका उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में किया जाता है। इसलिए जनगणना का कार्य पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के दौरान समय से उपस्थित रहकर सभी प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझें, ताकि क्षेत्र में गणना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की सफलता के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना, एक दिसंबर से जनसंख्या गणना
जिला जनगणना प्रभारी प्रत्यूष यादव ने जनगणना की समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि स्वगणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद जनसंख्या गणना का कार्य एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।
चार चरणों में चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
जनगणना कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षण चार स्लॉट में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम स्लॉट 27 से 29 अक्टूबर, द्वितीय स्लॉट 30 अक्टूबर से दो नवंबर, तृतीय स्लॉट तीन से पांच नवंबर तथा चतुर्थ स्लॉट 12 से 14 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्धारित प्रश्नावली, आंकड़ों के संकलन, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा जनगणना से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कर अधीक्षक राजेश कुमार जैन, अवर अभियंता खुशबू खान, जिला जनगणना प्रभारी प्रत्यूष यादव, जनगणना लिपिक हबीब खान, सहायक जनगणना लिपिक अमित पाराशर, मास्टर ट्रेनर अंकित सिंह एवं प्रत्यूष पंचौरी, फील्ड ट्रेनर शक्ति सिंह अहिरवार, कल्याण सिंह, आदर्श रावत, सौरभ चौरसिया एवं अनिल कुमार विश्वकर्मा सहित प्रभारी सफाई निरीक्षक महेंद्र सिंह यादव, कर लिपिक चन्द्रविनोद मिश्रा, नजूल लिपिक सुधीर रावत, गैराज प्रभारी अमित कुमार रिंकू, धीरेन्द्र घावरी, भगवान सिंह, वीरेन्द्र कुमार और अभिषेक साहू समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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