लखनऊ। राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के 28वें दीक्षोत्सव के अवसर पर कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे प्रगतिशील कृषकों एवं उद्यमियों को सम्मानित किया। सम्मानित कृषकों ने कृषि विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, औषधीय फसलों, पशुपालन, जैविक खाद, आधुनिक कृषि तकनीक तथा प्राकृतिक रेशों से उत्पाद तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
सुल्तानपुर की श्रीमती ऊषा सिंह पत्नी श्री जय प्रकाश सिंह, ग्राम जराई खुर्द, पोस्ट जराई कल्पनु, विकासखण्ड बल्दीराय, को हस्तशिल्प कला के तहत मूंज आधारित उत्पाद तैयार करने तथा दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया। वे स्वयं सहायता समूह का संचालन भी कर रही हैं और हस्तशिल्प कला एवं दलहन उत्पादन के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
सुल्तानपुर के श्री जमील अहमद पुत्र अब्दुल हसन, ग्राम व पोस्ट नन्दौली, विकासखण्ड बल्दीराय, औद्यानिक फसलों की खेती, सीप-मोती उत्पादन और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कृषि नवाचार के अंतर्गत मोटे अनाजों का मूल्य संवर्धन कर मल्टीग्रेन आटा तैयार करने की पहल की है। खेत में ही तालाब बनाकर सीप-मोती का उत्पादन करने के साथ वे प्राकृतिक खेती एवं कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर भी कार्य कर रहे हैं।
अयोध्या के श्री राजबहादुर वर्मा केले की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15 से 20 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। वे फसल विविधीकरण के तहत गन्ने के साथ चना, मटर, आलू, सरसों, बैंगन, खीरा, कद्दू, मिर्च, पत्तागोभी आदि की अंतःफसली खेती करते हैं। गन्ने की पौध प्रो ट्रे में तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित करने के साथ पशुपालन से दूध की बिक्री और जैविक खाद तैयार कर भी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
अयोध्या की श्रीमती शबीना खातून आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। वे बेमौसमी सब्जियों के साथ धान एवं गेहूं की खेती कर प्रतिवर्ष लगभग 6-7 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से स्ट्रॉबेरी एवं शिमला मिर्च की खेती तथा ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवाइयों एवं खाद का छिड़काव कर कृषि विविधीकरण एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। कृषि विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें समय-समय पर पुरस्कृत किया गया है।
अयोध्या की कु. हिमांशु को केले के रेशों से विभिन्न प्रकार के उत्कृष्ट हैंडलूम उत्पाद तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया। वे केले के रेशे से चटाई, पर्स, बैग, पूजा मैट, चिड़ियों के घोंसले सहित अनेक उत्पाद तैयार कर रही हैं।
इन प्रगतिशील कृषकों एवं ग्रामीण उद्यमियों का सम्मान कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए नवाचार, तकनीक, विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहन देने वाला रहा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य, संकायाध्यक्ष, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, स्कूली बच्चे तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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